नए नए नित छंद

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

कलम स्वरूपी पुष्प से ,निकलेगा मकरंद !
यही सोच रचवा रही,..नए नए नित छंद!!

करें लेखनी से नही,औरौं का अपमान !
होते है साहित्य के,पंडित वही महान !!
रमेश शर्मा.

इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
RAMESH SHARMA
Posts 161
Total Views 2.1k
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia