” ——————————- धूप सी खिलती है ” !

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- गज़ल/गीतिका

रंग यहाँ खिलते हैं , मस्तियाँ छलकती है /
मुस्कराकर ज़िन्दगी , यहाँ गले मिलती है //

संग यहाँ जीना है , संग यहाँ मरना हैं /
उम्र सीढियों से यहाँ , धूप सी फिसलती है //

हमने भरोसा किया , भरोसे पे जीते हैं हम /
काँटों पे दिल रखकर , यहाँ कली खिलती है //

हमने किये ही नहीं , सत्य से समझोते /
दर्द हो शिखर पर तो , पीड़ा मचलती है //

माँ खड़ी दरवाजे , मेरी भूख उसकी है /
वक्त की तराजू पर , आरजू मचलती है //

दबे पांव आँखों में , सपने उतरते हैं /
इठला के अम्बर में , साँझ सदा ढलती है //

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Bhagwati prasad Vyas
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एम काम एल एल बी! स्वतंत्र लेखन ! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी आदि पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! कवि सम्मेलनों में रचना पाठ ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत आदि साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद आदि साझा काव्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य !
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