दौड़ा चला जा रहा है….

Dinesh Sharma

रचनाकार- Dinesh Sharma

विधा- कविता

बस इंसान दौड़ा चला जा रहा है,
उदासी की गठरी सर पर उठाय
बस जिये जा रहा है,
पल पल मरे जा रहा है
एक उम्मीद की खोज में
बस इंसान दौड़ा चला जा रहा है
उदासी की गठरी सर पर उठाय
खुशियों के झूले में झूलने का सपना
मन में लिये,
मन से ही द्वन्द युद्ध करते हुए
कभी हारते हुए,कभी जीतते हुए
एक उम्मीद की खोज में
बस इंसान दौड़ा चला जा रहा है,
उदासी की गठरी सर पर उठाय।।

^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^

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Dinesh Sharma
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सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।

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