दोहे

Aashukavi neeraj awasthi

रचनाकार- Aashukavi neeraj awasthi

विधा- दोहे

वंश वाद की फल रही राजनीति में बेल।
दल बदले सत्ता मिले वही पुराना खेल।

पिता पुत्र चाचा सगे महासमर में आज।
कुरुक्षेत्र सूबा बना किंचित बची न लाज।

ओछी बाते कर रहे राजनीति के लोग।
गाली की भाषा बकें जाने कैसा रोग।।

बदले की बाते करे मुद्दा कोई न पास।
सत्तर साल विता दिए हो ना सका विकास।
आशुकवि नीरज अवस्थी अमर उजाला बरेली में 19 जनवरी पेज नम्बर 4 पर प्रकाशित

Views 1
Sponsored
Author
Aashukavi neeraj awasthi
Posts 12
Total Views 66
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia