दोस्ती

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹 Happy friendship day to all my friends.🌹
🌹🌹🌹
🌹💕🌹💕🌹💕🌹💕🌹💕🌹
नशीब वालों को नशीब होती है —दोस्ती
दिल के बहुत करीब होती है —दोस्ती
🌹
खरीदने से नहीं मिलती है —दोस्ती
जो टूटे तो बिखर जाती है —दोस्ती
🌹
निश्च्छल, निःस्वार्थ प्यार है — दोस्ती
ईश्वर का दिया अमूल्य उपहार है – दोस्ती
🌹
दोस्तों की हित की कामना है —दोस्ती
सहिष्णुता, उदारता की भावना है – दोस्ती
🌹
दिलों का दर्पण है —दोस्ती
बिना शर्त समर्पण है —दोस्ती
🌹
झगड़ा, लड़ाई, प्यार है —दोस्ती
नया ही रंग हर बार —दोस्ती
🌹
हर किसी दिल की जरूरत है—दोस्ती
प्रतिपल सुन्दर और खुबसूरत है – दोस्ती
🌹
रिश्तों में अटल विश्वास है —दोस्ती
जो मिटता नहीं वह एहसास है —दोस्ती
🌹
हर रिश्तों में सबसे खास है —दोस्ती
दिल के बहुत ही पास है —दोस्ती
🌹
डुबती कश्ती का सहारा है —दोस्ती
जीवन रूपी मझधार का किनारा है —दोस्ती
🌹
समाजिक जीवन का सत्य है —दोस्ती
तन्हा टूटे दिलों का पथ्य है —दोस्ती
🌹
जीवन का अनमोल खजाना है —दोस्ती
किसी को दिल से अपना बनाना है —दोस्ती
🌹
सुख – दुःख में साथ निभाना है —दोस्ती
जीवन का हर सफर सुहाना है —दोस्ती
🌹
अंधियारा जीवन में उजाला है —दोस्ती
जग में सबसे निराला है —दोस्ती
🌹
गंगा जल सा निर्मल पवित्र धारा है —दोस्ती
सारे रिश्तों- नातों से प्यारा है —दोस्ती
🌹
कृष्ण और सुदामा है —दोस्ती
रूठे दिलों को मनाना है —दोस्ती
🌹
पलकें, दिया और बाती है —दोस्ती
जीवन का सच्चा साथी है —दोस्ती
🌹
दोस्त के लिए सारा जीवन कुर्बान है —दोस्ती
एक – दूसरे के दिलों में बसी जान है —दोस्ती
🌹
हर मुस्किलों में साथ निभाना है —दोस्ती
डुबते को तिनको का सहारा है —दोस्ती
🌹
हरपल हरलम्हा को बनाता शानदार —दोस्ती
थके कदमों को भी बनाता जानदार —दोस्ती
🌹
जीवन में हमेशा सही राह दिखाता है—दोस्ती
आँसू को मोती-सा सम्मान दिलाता है —दोस्ती
🌹
मासूम दिलों में अपनेपन की गूँज है —दोस्ती
मुर्दा दिलों में हौसला की अमृत बूँद है-दोस्ती
🌹
तपती धूप में शीतलता भरी छाँव है – दोस्ती
नयनों में बसा सपनों का गाँव है —दोस्ती
🌹
तन, मन, धन न्योछावर है —दोस्ती
हथेली पर लगा महावर है —दोस्ती
🌹
जीवन है नैया तो पतवार है — दोस्ती
खुदा भी है जिसका वो तलबगार है —दोस्ती
🌹
हसीं में छुपा दर्द को जान जाना है —दोस्ती
कांटों भरी सफर को फूल बनाना है —दोस्ती
🌹
जीवन में बार-बार नहीं मिलती है सच्ची – दोस्ती
जीवन का अभिन्न अंग है अच्छी – दोस्ती
🌹
इस कलयुग में विश्वासघात है —दोस्ती
धोखाधड़ी और अपराध है —दोस्ती
🌹
अब तो दुनिया में है मतलब की —दोस्ती
जरा सोच – परख कर करना,ये —दोस्ती

🌹🌹🌹🌹लक्ष्मी सिंह 💓😊

Views 153
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
लक्ष्मी सिंह
Posts 188
Total Views 90.4k
MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia