……देशभक्त पहरेदार रहा हूँ मैं !

दिनेश एल०

रचनाकार- दिनेश एल० "जैहिंद"

विधा- गज़ल/गीतिका

……..देशभक्त पहरेदार रहा हूँ मैं

@ दिनेश एल० “जैहिंद”

देश पर कुर्बां होने के लिए बेक़रार रहा हूँ मैं ।
ना मर सका देश के लिए कसूरवार रहा हूँ मैं ।।

जज़्बात-ए-रूह मचलते रह गए दिल में मेरे,,
कभी हाथ में मेरे हो बंदूक तलबगार रहा हूँ मैं ।।

अफसोस इस बात का खलता ही रहा मुझको,,
ना चुका सका माटी का कर्ज कर्जदार रहा हूँ मैं ।।

जिंदगी मेरी ना काम आ सकी देश की खातिर,,
महसूस हो रहा अब मुझको के बेकार रहा हूँ मैं ।।

वीरता की स्याही में डूबोके जोशे गजल लिखूँ,,
मातृभूमि के परवानों का कलमकार रहा हूँ मैं ।।

सोचके ये सब्र कर रक्खा अब तो मैं बरसो से,,
“जैहिंद” के रूप में देशभक्त पहरेदार रहा हूँ मैं ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद”
17. 08. 2017

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दिनेश एल०
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मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का अंग बना लिया और निरंतर कुछ न कुछ लिखते रहने की एक आदत-सी बन गई | फिर इस तरह से लेखन का एक लम्बा कारवाँ गुजर चुका है | लगभग १० वर्षों तक बतौर गीतकार फिल्मों मे भी संघर्ष कर चुका,,

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