देखो आई बरखा रानी

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गीत

एक बाल गीत
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देखो आई बरखा रानी

काले काले छाये बादल
जैसे हो आंखों का काजल
इस धरती की प्यास बुझाने
रिमझिम रिमझिम बरसे पानी
देखो आई बरखा रानी

गाये कोयलिया मतवाली
झूमे देखो डाली डाली
माटी की सौंधी खुशबू भी
लगती है जानी पहचानी
देखो आई बरखा रानी

रंगबिरंगे फूल खिलाती
बाग बगीचे सब महकाती
प्यारा कर श्रृंगार धरा का
उसे उढ़ाती चूनर धानी
देखो आई बरखा रानी

कागज़ की हैं नाव बनाते
भीग भीग कर शोर मचाते
सुनते बात नहीं मम्मी की
बच्चे करते हैं मनमानी
देखो आई बरखा रानी

डॉ अर्चना गुप्ता
08-07-2017

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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