दूध सी सफेदी

डॉ०प्रदीप कुमार

रचनाकार- डॉ०प्रदीप कुमार "दीप"

विधा- लघु कथा

"दूध सी सफेदी"
(सत्य लघुकथा)
""""""""""""""""""""

मैं नित्य की तरह ब्रह्ममुहूर्त में रसोईघर में दूध गर्म करके उसमें कॉफी मिलाई और पी ली तथा शेष दूध पतीले में ही रोज की तरह रख दिया | तत्पश्चात मैं सुबह सुबह प्रात:भ्रमण पर निकल गया | करीब एक घंटे पश्चात घर लौटा , तो मेरी पत्नी भी उठ चुकी थी और रसोईघर में मुँह धोने लगी | तभी अचानक मुझे कहा – देखो जी आज पानी इतना चिकना-चिकना सा है | मैंने देखा तो मेरी हँसी फूट पड़ी ! क्यों कि वो गुनगुना पानी….पानी नहीं ! दूध था , जिसे मैंने गैस चूल्हे पर ही छोड़ दिया था | फिर हँसी दबाकर मैंने कहा – भाग्यवान ये चिकना-चिकना दूध था ……पर ! कोई बात नहीं ….दूध सी सफेदी ,दूध से आए !!!!!!!

(डॉ०प्रदीप कुमार "दीप")

Views 6
Sponsored
Author
डॉ०प्रदीप कुमार
Posts 53
Total Views 359
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान (2016-17) मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच ,नई दिल्ली (भारत) सम्पर्क सूत्र : 09461535077 E.mail : drojaswadeep@gmail.com
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia