दुनिया है मेरी दीवानी

कवि कृष्णा बेदर्दी

रचनाकार- कवि कृष्णा बेदर्दी

विधा- गीत

दिल में हैं दर्द आँखों में पानी, फिर भी ए दुनिया है मेरी दीवानी।
दिल में कोई रख ले मैं हूँ निशानी
दिल से कोई खो दे तो मैं हूँ इक कहानी।
गम में ख़ुशी में कोई रोक न पाये
कितना छुपाये फिर भी आ जाऊं
मैं हूँ वो इक बूँद आँखों का पानी ।
सबको प्यार देने की आदत रही हैं
अपनी इक पहचान बनाने की आदत रही हैं।
कितना भी गहरा जख्म दे कोई
उतना ही मुस्कराने की आदत रही हैं।
अजनबी हूँ इस दुनिया में इक अकेला ख्वाब हूँ ।
प्यार से मैं खफा सवालो से घिरा इक छोटा जबाब हूँ।
दिल दिया जिसको समझ न पायी मुझको।
उसके लिए मैं कौन हूँ।
जो समझ गया वो गम हैं दुनिया के लिए खुली किताब हूँ मैं।
आँख उठा के जब वो देखे तन्हा हमको पाएगी।
दिल पूछेगी जब अपने दर्द का सैलाब हूँ मै।
खाया हूँ तेरे प्यार में चोट दिल में ख्याल ए आएगा।
खोजेगी तू बहुत हमे दिल में कही न पाएगी।
दूर मैं तुझसे जा चुका बस तन्हाई ही पाएगी।
मेरे गम में तू तडपेगी बस तन्हाई तू पायेगी।
बिछड़ के जो फिर मिल न सके मैं वो एहसास हूँ।
जान के कोई जान सके न मैं तो ऐसा राज हूँ।
प्यार दिल में दिल मेरा टूटा अपनों ने मुझे लूटा।
दर्द भी हमसे घबराएं बन गया बेदर्दी आज हूँ।

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कवि कृष्णा बेदर्दी
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कवि कृष्णा बेदर्दी ( डाक्टर) जन्मतिथि-०७/०७/१९८८ जन्मस्थान- मधुराई (तमिलनाडु) शिक्षा मैट्रिक -विलेपार्ले(मुम्बई) शिक्षा मेडिकल - B.A.M.S.(लन्दन) प्रकाशित पुस्तक- हिन्दी_हमराही,अनुभूति,महक मुसाफिर, तेलुगु, हिन्दी-तेलुगू फिल्मों में गीतकार शौक_ डांस,अभिनय,गिटार,लेखन, नम्बर- +918319898597 Email I'd kavibedardi@gmail.com, Facebook link https://m.facebook.com/Bedardi? Twitter_@kavibedardi

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