दुनिया से’ नहीं डरते जो प्यार किया करते

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- मुक्तक

दो मुक्तक

दुनिया से' नहीं डरते जो प्यार किया करते
वो हार यहाँ हँसकर स्वीकार किया करते
जब जख़्म मिला इसमें, सह लेते' हैं' चुप रहकर
पर दर्द नहीं अपना अखबार किया करते

रात का श्रृंगार करती चाँदनी है
और तारों की उढ़ाती ओढ़नी है
चाँद के सँग प्रीत की डोली सजा कर
गुनगुनाती लोरियों की रागिनी है
डॉ अर्चना गुप्ता

Sponsored
Views 100
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Dr Archana Gupta
Posts 260
Total Views 18.9k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment
  1. बहुत अच्छा लिखा है अर्चना जी आपने ओर आपकी लेखनी के साथ साथ आपके परिधान भी चार चांद लगाये हुए है, साड़ी मे बैठी ऐसी लग रही है जैसे कोई महारानी अपने शयन कक्ष मे बैठकर शास्त्रार्थ के लिए महाराज का इन्तजार कर रही हों