*** दीवाने हो गये हैं हम ****

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- गीत

दीवाने हो गये हैं हम

दीवाने हो गये हैं हम

नहीं हैं हम किसी से कम

जहां में दौलते हैं कम

नहीं हैं अब किसी का ग़म

दीवाने हो गये हैं हम

नहीं हैं हम किसी से कम

दिलों को तोलते ना हम

कहो क्या दिल दौलते हैं कम

ना हम डोलते है अब

हां कम बोलते हैं अब

किसी में दम हो तो

हमे आजमा लें अब

किसी के बाप का ना खाते

कभी हम पाप का ना खाते

दीवाने हो गये हैं हम

नहीं हैं हम किसी से कम

किसी से डरे तो अब हम क्यूं

जमाना चाहे ज़ालिम हो ले यूं

क्यूं क्यूं क्यूं ना बोले हम

नहीं है हम किसी से कम

किसी के बाप का ना खाते

कभी हम पाप का ना खाते

दीवाने हो गये हैं हम

नहीं हैं हम किसी से कम

👍मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

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