…. दीवानापन छोड़ जाऊँगा !

दिनेश एल०

रचनाकार- दिनेश एल० "जैहिंद"

विधा- गज़ल/गीतिका

दीवानापन छोड़ जाऊँगा !
// दिनेश एल० "जैहिंद"

भरत-सा अपनापन छोड़ जाऊँगा ।।
यादों में रहूँ प्रेमधन छोड़ जाऊँगा ।।

कृष्ण-सा कौतूहल दूँ मैं मुहल्ले में,,
वैसा अपना बचपन छोड़ जाऊँगा ।।

राँझा की तरह मैं जाना जाता रहूँ,,
मैं ऐसा दीवानापन छोड़ जाऊँगा ।।

माँ की साँसों में बसा रहूँ उम्र भर,,
के महकता लड़कपन छोड़ जाऊँगा ।।

आजाद-सा देशप्रेम देश की खातिर,,
थोड़ा यूँ मैं शौर्यपन छोड़ जाऊँगा ।।

राम के जैसा घर-घर सजता रहूँ,,
ऐसा अजूबा जीवन छोड़ जाऊँगा ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद”
10. 08. 2017

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दिनेश एल०
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मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का अंग बना लिया और निरंतर कुछ न कुछ लिखते रहने की एक आदत-सी बन गई | फिर इस तरह से लेखन का एक लम्बा कारवाँ गुजर चुका है | लगभग १० वर्षों तक बतौर गीतकार फिल्मों मे भी संघर्ष कर चुका,,

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