दीपावली

Shubha Mehta

रचनाकार- Shubha Mehta

विधा- कविता

लो आई फिर
दीपावली
चलो ,इस बार
मन के किसी कोने में
दीप जलाएं इक
शांति का ,
प्रीती का ,
स्नेह का
फिर इस मनदीप से
दीप से दीप जलाएँ
दीपमाल से गुँथ जाएँ
जैसे इक माला के फूल
फूल सुगंध से महकाएँ
ये दुनियाँ सारी ।

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Shubha Mehta
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3 comments
  1. Wah aaj jis soch ki jaroorat hai kitni sahajta aur asani se apne anokhe andaz mein kah gyi yahin toh tere saare number hain saral shuddh bhasha aur apna anootha andaz bahut jiye shubha khoob likh aur pdha logon ko

  2. वाह शुभा जी । अतिउत्तम ।।।। आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ।।।।