दिवस अंक -14 अगस्त

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

दिवस अंक – 14 अगस्त

आओ शोक मनाएँ हम भारत वासी
अगस्त मास की सबसे अशुभ तिथि पर
क्योंकि यह वर्ष गाँठ है
भारत की अखंडता को
खंडित कर अपने ही शत्रु को
पाकिस्तान के रूप में जन्म देने की ।
यह दिवस है उस पराजय घोष का
जो शहीदों व मनीषियों के
अखंड भारत को लहूलुहान कर
पाकिस्तान के रूप में घोषित हो गयी ।
लगभग सत्तर वर्ष पूर्व आज ही के दिन
पड़ोसी के रूप में उभरा यह नासूर
मेरे भारत को दर्द देने का
कोई अवसर ही नहीं छोड़ता ।
क्रांतिकारियों के संघर्ष,
वीर शहीदों के बलिदान,
नरम विचारों की विधि संगत लड़ाई,
गरम विचारों की रोषपूर्ण क्रांति ;
इन सब कृत्यों के बदले में मिला
पुरस्कार या दंड है ये पाकिस्तान
मेरे अखंड देश की दुखती रग है
ये 14 अगस्त को जन्मा पाकिस्तान ।
आओ आज शोक मनाएँ हम
अपने अखंड भारत की अखंडता के
खंडित होने का ,
अपने अविभाज्य भारत के
विभाज्य हो जाने का ।
हे ईश्वर ! एक दिन सचमुच
14 अगस्त के बाद एक ऐसी
15 अगस्त आए जिसमें
मेरा भारत अपनी 1947 से पहली
अखंडता को जीने लग जाए
और उसका आँचल गर्व से
लहराता हुआ हम भारतीयों को
आत्मिक गर्व अनुभूत करवाए ।
जय हिन्द , जय भारत ।।

डॉ रीता
आया नगर , नई दिल्ली

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .

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