दिल से दिल को जोड़, प्रीति रंग गाती होली

Brijesh Nayak

रचनाकार- Brijesh Nayak

विधा- अन्य

(मुक्त छंद )

होली की हुड़दंग में भूल न जाना प्रेम |
विनती निज कर जोड़कर, करती कलम सप्रेम||
करती कलम सप्रेम, होलिका बुआ न बनना |
अमर नेह प्रहलाद रंग को, उर से चुनना ||
कह "नायक" कविराय, बोलिए पिक-सम बोली |
दिल से दिल को जोड़, प्रीति रंग गाती होली ||

बृजेश कुमार नायक
"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता
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होली की हार्दिक शुभकामनाएं
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Brijesh Nayak
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एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा Ex State trainer, ex SPO NYKS UP, Govt of India Ex Teacher AOL1course VVKI "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक"कृतियाँ प्रकाशित साक्षात्कार, युद्धरत आम आदमी सहित देश के कई प्रतिष्ठित पत्र एवं पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेकों सम्मान एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित,नि.-सुभाष नगर, कोंच सम्पर्क 9455423376whatsaap9956928367
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