दिल रोया बहुत है

बबीता अग्रवाल #कँवल

रचनाकार- बबीता अग्रवाल #कँवल

विधा- गज़ल/गीतिका

दिल रोया बहुत है मेरा विदा से पहले
के इश्क़ में छल गई हूं वफ़ा से पहले

संभाला है मैने खुदको बड़ी मशक्कत से
तू ने तो मार ही डाला था क़जा से पहले

रहती हूं हर पल मै तो माँ की दुआ में ही
हर जख्म भर जाता है मेरा दवा से पहले

खुश रहने की दे गया है सौगंध जाते जाते
और सजा दे गया मुझको विदा से पहले

मिलने की तमन्ना है तुझसे मेरे सनम
दीदार करा देना अपना क़जा से पहले

छोड़कर ना जाना मुझको मझधार में कभी
लेती हूं नाम तेरा ही मै सदा से पहले

आ गई है दर पर तेरे कँवल माँ मेहर कर
बस जाना मेरे दिल में बस दुआ से पहले

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बबीता अग्रवाल #कँवल
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जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)

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