दिल के दीपक में रहे याद जो ज्योति बनकर

Anish Shah

रचनाकार- Anish Shah

विधा- गज़ल/गीतिका

आयगी तुम्हारी याद जब पवन बनकर।
आंखें बरसेंगीं हमारी भी सावन बनकर।।

बड़ी कठिन है डगर ये अंजान मंजिल भी।
और चलते थोड़ा साथ जो रहबर बनकर।।

सूरज की तेज धूप भी हम सह लेते।
सर पे होता तुम्हारा प्यार जो साया बनकर।।

अंधेरी राह मे "अनीश"पाओगे मंजिल।
दिल के दीपक में रहे याद जो ज्योति बनकर।।

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Anish Shah
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अनीश शाह " अनीश" (अध्यापक) एम. एस. सी (गणित) बी. एड. निवास-सांईखेड़ा ,नरसिंहपुर (म.प्र.) मो. 7898579102 8319681285

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