* दिल की ख्वाहिश *

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- कविता

दिल कहे मैं झूम लूँ ,
सारी दुनिया घूम लूँ ।
कोई ख्वाहिश रहे ना बाकि ,
उड़ के गगन को चूम लूँ ।।
दिल में जो है बोल दूँ ,
प्यार दिलों में घोल दूँ ।
जी लूँ हर अरमान को ,
ख़ुशी के रस्ते खोल दूँ ।।
हर गम को ख़ुशी से मार दूँ ,
जीवन नैया तार दूँ ।
जीवन के ये चार पल ,
दिल की ख़ुशी पे वार दूँ ।।

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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