दिल उसपे आया सवेरे-सवेरे

आनंद बिहारी

रचनाकार- आनंद बिहारी

विधा- गज़ल/गीतिका

मैं सो कर उठा था, सवेरे-सवेरे
कि दिल उसपे आया सवेरे-सवेरे

रज़ के नहाये वो सजधजके आये
और मैं भी नहाया ..सवेरे-सवेरे

बड़ी लज्जतें हैं चेहरे पे उसके
गेसू अधखुले-से …सवेरे-सवेरे

सुबह से अब शाम होने को आई
और मंजिल मिलेगी..सवेरे-सवेरे

आनंद!अगली सुबह भी मिलेगी?
रब का शुक्रिया हो.. सवेरे-सवेरे

@आनंद बिहारी
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आनंद बिहारी
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गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित FB/Tweeter Page: @anandbiharilive Whatsapp: 9878115857
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