दर्द बुरा होता है

Ranjana Mathur

रचनाकार- Ranjana Mathur

विधा- गज़ल/गीतिका

धीरे-धीरे ही तेरी सच्चाई का ,पता होता है
ऐ दुनिया।                                              बाद की तन्हाई का दर्द बुरा होता है
ऐ दुनिया।                                         
बचपन का मीठा प्यार बहुत भाता था मगर
युवा भाइयों की जुदाई का दर्द बुरा होता है
ऐ दुनिया।                      माता-पिता ने हम पर वारा, अपना जीवन  उन से हमने की बेपरवाही का दर्द बुरा होता है
ऐ दुनिया
अपनों से हमने किया था प्यार उसके बदले
उनसे मिली बेवफाई का दर्द  बुरा होता है
ऐ दुनिया
बिटिया तो हुआ करती है घर भर की रौनक
लाडो रानी की  विदाई का दर्द बुरा होता है
ऐ दुनिया।                                     
जब माँ जाये बच्चों के बीच खिंचती हैंदीवारें
तो इस जग हंसाई का दर्द बुरा होता है
ऐ दुनिया।                                           
सच पूछो तो तेरे इस जहाँ में, कदम कदम पर
मिली  रुसवाई का, दर्द  बुरा  होता है
ऐ दुनिया।                                               ——– रंजना माथुर  दिनांक 26/11/2016
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
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Ranjana Mathur
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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य। लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन। "माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।" जय वीणा पाणि माता!!!

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