== थोड़ी ठंड रखिए ==

Ranjana Mathur

रचनाकार- Ranjana Mathur

विधा- कविता

दिल भी सही रखिए, दिमाग सही रखिए।
दिल में उठने वाले, खयालात सही रखिए।
उस जगह जहाँ पर न समझे कोई आपको,
वहां चुप रह कर हालात सही रखिए।
जहाँ आप से बड़े हों या आपसे हों ज्ञानी,
उस जगह पर अपनी आवाज सही रखिए।
जहाँ आप को कोई समझने वाला हो,
सिर्फ उस जगह पर अपनी बात सही रखिए।
छोटों से अगर आप चाहते हैं इज्जत,
तो अपने बडों को सम्मान से ही रखिए।
यदि जिन्दगी में कुछ चाहते हैं बेहतर।
तो अच्छे कल को पाने की कोशिश में,
सत्कर्मों की राह पर ही पांव अपने रखिए।

– – रंजना माथुर दिनांक 10/12/2016
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Sponsored
Views 24
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Ranjana Mathur
Posts 103
Total Views 3.4k
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य। लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन। "माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।" जय वीणा पाणि माता!!!

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia