तोहफे गम औ ख़ुशी के लिए जा रहे

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

तोहफे गम औ ख़ुशी के लिए जा रहे
ज़िन्दगी यूँ बसर बस किये जा रहे

ये कहीं दिल में नासूर नहीं जाएँ बन
सोचकर जख्म अपने सिये जा रहे

आज तो इतनी धन की बढ़ी प्यास है
अश्क भी लोग अपने पिये जा रहे

लौट आएंगे वो ,रोज इस आस में
राह में हम जलाते दिये जा रहे

मोड़ हर उम्र का खूबसूरत यहाँ
सोचना मत कभी क्यों जिये जा रहे

अर्चना हो मुकम्मल ग़ज़ल हम तभी
भाव में जोड़ते काफिये जा रहे

डॉ अर्चना गुप्ता

Sponsored
Views 62
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Dr Archana Gupta
Posts 260
Total Views 18.9k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia