तेवरी

DrRaghunath Mishr

रचनाकार- DrRaghunath Mishr

विधा- तेवरी

मौजूदा दशा

आज का राजनेता 12
अमीरों को ही सदा देता 16
गरीबों से ही छीन लेता, परंपरा इस देश की .16,13 =29

जो आदर्शवादी
है बहुत मोह माया वादी
जुबान से मानवतावादी,परंपरा इस देश की.

धांधली चहुँ ओर है
अन्धकार है प्राणि मात्र पै
नेताओं की है बस जै,परंपरा इस देश में.

गरीब का इम्तिहान
अमीर ही कहलाए महान
पूजें उसको ही सभी लोग, परंपरा इस देश की.

'सहज' का है मानना
असल किसी को है न जानना
दुर्दिन में नहीं पहिचानना,परंपरा इस देश की.
@डॉ.रघुनाथ मिश्र 'सहज'
अधिवक्ता/साहित्यकार
सर्वाधिकार सुरक्षित

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DrRaghunath Mishr
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डॉ.रघुनाथ मिश्र 'सहज' अधिवक्ता/साहित्यकार/ग़ज़लकार/व्यक्तित्व विकास परामर्शी /समाज शाश्त्री /नाट्यकर्मी प्रकाशन : दो ग़ज़ल संग्रह :1.'सोच ले तू किधर जा रहा है 2.प्राण-पखेरू उपरोक्त सहित 25 सामूहिक काव्य संकलनों में शामिल

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