तेवरी

कवि रमेशराज

रचनाकार- कवि रमेशराज

विधा- तेवरी

गुलशन पै बहस नहीं करता
मधुवन पै बहस नहीं करता
जो भी मरुथल में अब बदला
सावन पै बहस नहीं करता |
कहते हैं इसे न्यूज़-चैनल
ये जन पै बहस नहीं करता |
है इसीलिये वह तहखाना
आँगन पै बहस नहीं करता |
वो बोल रहा है “ ओम शांति “
क्रन्दन पै बहस नहीं करता |
वो करता धड़ से तुरत अलग
गर्दन पै बहस नहीं करता |
वो मौतों का व्यापारी है
जीवन पै बहस नहीं करता |
वो लिए सियासी दुर्गंधें
चन्दन पै बहस नहीं करता |
+रमेशराज

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कवि रमेशराज
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परिचय : कवि रमेशराज —————————————————— पूरा नाम-रमेशचन्द्र गुप्त, पिता- लोककवि रामचरन गुप्त, जन्म-15 मार्च 1954, गांव-एसी, जनपद-अलीगढ़,शिक्षा-एम.ए. हिन्दी, एम.ए. भूगोल सम्पादन-तेवरीपक्ष [त्रैमा. ]सम्पादित कृतियां1.अभी जुबां कटी नहीं [ तेवरी-संग्रह ] 2. कबीर जि़न्दा है [ तेवरी-संग्रह]3. इतिहास घायल है [ तेवरी-संग्रह एवम् 20 स्वरचित कृतियाँ | सम्पर्क-9634551630

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