तेवरी। नोट के बदलते तेवर।

राम केश मिश्र

रचनाकार- राम केश मिश्र

विधा- तेवरी

तेवरी ।नोट के बदले तेवर ।।

राजनीति है झूठ की ।
आँधी आयी लूट की । महिमा अपरंपार है ।।

बदला लो अब ओट का ।
घाव लगे हर चोट का । छुपे हुये गद्दार हैं ।।

हर तबके हर लोग से ।
मोदी के सहयोग से । सबका ही उद्धार है ।।

कालाधन तो काल है ।
पर देश का हि माल है । जन जन का अधिकार है ।।

बात नही अब लात से ।
व्यंग्य नही आघात से । करना अब परहार है ।।

©राम केश मिश्र

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राम केश मिश्र
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राम केश मिश्र मैं भदैयां ,सुल्तानपुर ,उत्तर प्रदेश से हूँ । मैं ग़ज़ल लेखन के साथ साथ कविता , नवगीत, दोहे हाइकू, पिरामिड ,कुण्डलिया,आदि लिखता रहा हूं । FB-- https ://m.facebook.com/mishraramkesh मेरा ब्लॉग-gajalsahil@blogspot.com Email-ramkeshmishra@gmail.com Mob--9125562266 धन्यवाद ।।

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