तेरे बिना जीना है गँवारा //गीत/

दुष्यंत कुमार पटेल

रचनाकार- दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

विधा- गीत

वो जानाँ तेरे बिना जीना है गँवारा
आ जाऊँ दुनिया छोड़ तू कर दे इशारा
जीना -मरना है तेरी ही बाहों में
तू ही है हंसी खुशियों की बहारा
वो जानाँ….

तेरी दीवानी,मस्तानी हूँ तू न जाना
छुप-छुप के देखी राहें तूने कहाँ माना
क्यों आते नहीं बनके सावन मेरे आँगन
प्यासी जमीं हूँ ,तू है बादल आवारा
वो जानाँ…..

चुरा ले ग़म को , चुम ले लब को
दिल की बाते पास आके कह दो
न रहो खफा ,कर दो वफ़ा की बारिश
तड़प के दिल ने आज तुम्हें है पुकारा
वो जानाँ .,

कैसे जी रहे है तुम्हारे बिन आके पूछ ले जरा
तेरी यादों में हूँ ज़िंदा अब तक हूँ नहीं मरा
तुम्हारे बिन डूब न जाए मेरी ज़िंदगी की नईया
न कर इंतज़ार कोई पल की अब मुझे दे तू किनारा
वो जानाँ …

कवि :- दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

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दुष्यंत कुमार पटेल
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नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com

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