तेरे बगैर

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- अन्य

(1)🌹🌹🌹🌹
एक कमी है मुझ में
जो तेरे पास आकर पूरी होती है,
तेरे बगैर मेरी शक्सियत अधूरी है।
🌹🌹🌹🌹

(2)🌹🌹🌹🌹
अकेली होकर भी
मैं अकेली नहीं होती…..
तेरा ख्याल मेरे
आस – पास होती है…..
अपने लफ़्ज़ों में भी
तेरी आवाज की
गूँज सुनाई देती है….
🌹🌹🌹🌹 – लक्ष्मी सिंह 💓☺

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लक्ष्मी सिंह
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