तेरी याद में जिंदगी रही है संवर धीरे धीरे

RASHMI SHUKLA

रचनाकार- RASHMI SHUKLA

विधा- कविता

तेरी याद में जिंदगी रही है संवर धीरे धीरे,
सौबत का तेरी हो रहा है असर धीरे धीरे,
बिना तेरे मेरी तो दुनिया रही है बिखर धीरे धीरे,
तेरी याद में बीती रात अब हो रही है शहर धीरे धीरे,
जगने नहीं देती तेरी मुस्कान हो जाती है पहर धीरे धीरे,

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RASHMI SHUKLA
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mera majhab ek hai insan hu mai

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