तेरी यादें

कृष्णकांत गुर्जर

रचनाकार- कृष्णकांत गुर्जर

विधा- गज़ल/गीतिका

तेरी यादे बहुत सताती है,तडंपाती कभी रूलाती है |
मेरे सपने आके तू यारा,हंस हंस कर बहुत सताती है||

मे का दिल मे तू ही तो वसती है,सारी दुनिया भी मुझपे हँसती है |
फिर भी मुझको तू क्यो रूलाती है,तेरी यादे बहुत सताती है||

तेरा ही तो मेरा जीवन है,जन्मो जन्मो का ये भी बंधन है
पास आ जा लगा ले तू,दूर जाके तू क्यो रूलाती है||

बेबफा कृष्णा कह नही सकता,तेरे बगैर रह नही सकता|
मेरे ख्वाबो मे तू हंसाती है,तेरी यादे बहुत सताती है||

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कृष्णकांत गुर्जर
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संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
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