तेरी गली से गुजरेंगे

Radhey shyam Pritam

रचनाकार- Radhey shyam Pritam

विधा- गज़ल/गीतिका

तेरी गली से गुजरेंगे तो तेरा प्यार देखेंगे।
तेरी शख्सियत को आजमाकर यार देखेंगे।।

यह जानते हैं देख दरवाज़ा बंद कर लोगे।
खटखटाकर फिर भी हम बार-बार देखेंगे।।

लबों से छूकर फूल फैंकना चाहे पत्थर तुम।
जख्म खाकर भी हम कूचा-ए-यार देखेंगे।।

फूल गिरें झोली में ये नहीं मुकद्दर में हमारे।
तमन्ना लिए हैं दिल में मगर गुलजार देखेंगे।।

सूने घरों में लग जाते हैं जाले जानते हैं हम।
सूना छोडकर फिर भी हम दिले-दरबार देखेंगे।।

इन्तजार है हर किसी को किसी न किसी का।
तेरे इन्तजार में पलकें बिछा"प्रीतम"यार देखेंगे।।

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Radhey shyam Pritam
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One comment
  1. उम्मीद के सहारे दुनिया कायम है।
    प्रयास करते रहें,लक्ष्य की ओर बढते रहें।
    एकदिन मंजिल अवश्य मिलेगी।
    हमेशा सकारात्मक सोचें।