तेरा शहर ।।

अविनाश डेहरिया

रचनाकार- अविनाश डेहरिया

विधा- अन्य

हाथ खाली है तेरे शहर से जाते जाते।
जान होती तो मेरी जान लौटाते जाते।।
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है।
उमर गुजरी है मेरी तेरे शहर में आते जाते।।।।

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अविनाश डेहरिया
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छिन्दवाड़ा जिले के डेनियलसन डिग्री कॉलेज से बी.सी.ए की डिग्री प्राप्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मध्य प्रदेश भोपाल में पिछले 8 सालों से कार्यरत व बैतुल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत मूल पद ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी...........

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