प्रमाण चाहिये

Sonika Mishra

रचनाकार- Sonika Mishra

विधा- मुक्तक

मुक्तक
उसको हर बात का जवाब चाहिये !
मेरे दिन और रात का हिसाब चाहिये!
चलना तो चाहूं हर कदम उसके साथ!
पर मेरे विश्वास का उसे प्रमाण चाहिए!!
– सोनिका मिश्रा

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Sonika Mishra
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मेरे शब्द एक प्रहार हैं, न कोई जीत न कोई हार हैं | डूब गए तो सागर है, तैर लिया तो इतिहास हैं ||

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