तेरा मन विकल होगा

कृष्णकांत गुर्जर

रचनाकार- कृष्णकांत गुर्जर

विधा- कविता

जीवन मे मुस्किल आयेगी तो,
तेरा मन भी विकल होगा
अपनो से ही दिल खुश होगा
अपनो से ही विकल होगा

रिश्ता दिल से हम बनाते
ऱिश्तो का संगम होगा
रिश्तो जो कद्र न जाने
उसका कैसा मन होगा

सच  राहो पे चलेते है पर
काँटो का भी चुभन होगा
रिश्ता हमारा सच्चा प्यारा
दुनिया मे है अमर होगा

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कृष्णकांत गुर्जर
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संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303

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