तू ले ले बाँहों में अपने तो मैं जल जाऊंगा

आनंद बिहारी

रचनाकार- आनंद बिहारी

विधा- गज़ल/गीतिका

तू ले ले बाँहों में अपने, तो मैं जल जाऊंगा
बना हूँ मोम से मैं, फिर तो पिघल जाऊंगा।1।

तुम मेरे जागी आँखों के सपन में आते हो
तुम्हें ही दिल, दिमाग, सांसों में बसाउंगा।2।

तूने कानों में धीरे से, फुसफुसा जो दिया
राग बनके मैं तो गीत – ग़ज़ल गाऊंगा।3।

मेरे होठों पे अगर… होठ रख दिए तुमने
क़सम से, अपने आपे से निकल जाऊंगा।4।

हाथों में हाथ गर, जो दे दिया तूने अपना
किया जो वादा, जन्मों तलक निभाउंगा।5।

©आनंद बिहारी (Whatsapp: 9878115857)
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आनंद बिहारी
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गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित FB/Tweeter Page: @anandbiharilive Whatsapp: 9878115857

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