तू क्या है मेरी नजर में

Ranjana Mathur

रचनाकार- Ranjana Mathur

विधा- कविता

घर भर की जान है बेटी।
मां का अरमान है बेटी ।
पापा का लाड दुलार है बेटी।
आंगन की किलकारी है बेटी।
पूजा घर की पावन आरती है बेटी। रसोईघर की सौंधी महक है बेटी।
त्योहारों की चहल-पहल है बेटी।
शादी ब्याहों की धूम है बेटी।
हर उत्सव की रौनक है बेटी।
किचन गार्डन की चिड़िया है बेटी।
बहन की प्यारी सखी है बेटी।
बड़े भैया की जिद्दी लाडो है बेटी।
छोटे भैया की नटखट राजदार है बेटी ।
आस पडोस की लाडली है बेटी।
मेहमानों की खिदमतगार है बेटी।
सारे घर की मीठी सी प्यारी गूंज है बेटी।
मोहल्ले की पहचान है बेटी।
मेरे भारत का मान सम्मान है बेटी ।
किन्तु जिस पल मेरे घर आंगन से
विदा हो कर गयी मेरी बेटी।
ऐसा महसूस हुआ मुझे जैसे
मेरे तन से आत्मा और मेरे घर से
आवाज भी किसी ने समेटी।

– – रंजना माथुर दिनांक 26/11/2016
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
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Ranjana Mathur
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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य। लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन। "माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।" जय वीणा पाणि माता!!!

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