** तूफ़ान से पहले शान्ति ***

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- कविता

तूफ़ान से पहले शांति होती है
तूफ़ान के बाद भी शांति होती है
फर्क सिर्फ इतना सा है मन में दबी
इच्छाऐं बाहर आने को आकुल होती है
हम उन्हें दबाने की कौशिश करते है और
वे और ज्यादा बलवती होकर तूफ़ान का रूप
ले लेती है और हम उन पर अपना नियंत्रण खो
देते हैं और वो हम पर पूर्णतः हावी हो जाती है
तूफ़ान के बाद की शांति ही वास्तविक
शांति होती है क्योकि तब हम अपने आप को पूर्णतः
निरीह प्राणी मानते हुए उस परम् सत्ता के प्रति अपने आप को समर्पित कर देते है क्योंकि तब हम
शक्तिहीन हो जाते है और हमें अपनी शक्ति पर पूर्ण विश्वास नही रह जाता ।
जीवन में आने वाले तूफानों से हमे घबराना नहीं है क्योंकि तूफ़ान के बाद की शांति वास्तविक
शान्ति होती है ।
चाहे प्रत्यक्ष जीवन में आनेवाला तूफ़ान हो
या फिर ह्रदय में आने वाला तूफ़ान हो ।
तूफ़ान के बाद की शांति ही वास्तविक शांति
होती है ।
👍 मधुप बैरागी

Views 9
Sponsored
Author
भूरचन्द जयपाल
Posts 277
Total Views 3.8k
मैं भूरचन्द जयपाल वर्तमान पद - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिन्दी रचनाये 9928752150
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia