** तुम बिन **

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- गज़ल/गीतिका

गुम हो गए हो जाने कहाँ ,
छोड़ गए क्यूँ आँसू यहाँ ?
देर सवेर बस यादें ही आती हैं ,
आते क्यूँ नहीं अब तुम यहाँ ।।

जब से गए हो ख़ुशी खो गई है ,
खिलखिलाती हुई हँसी खो गई है ।
आओ कभी तुम देखो जरा ,
कैसीे हमारी जिंदगी हो गई है ।।

जिन्दा जरूर हैं मर मर के जीते हैं ,
जहर जुदाई का पल पल पीते हैं ।
आ जाओ लौट के कसम हमारी ,
हर पल हम तेरी याद में रोते हैं ।।

तुम जो गए दिल टूट गया है ,
दरिया से किनारा छूट गया है ।
जिन्दा हैं बस तेरे इंतजार में ,
वादा निभाना जो वादा किया है ।।

दर्द जुदाई का सह नही पाएंगे ,
इससे ज्यादा कुछ कह नहीं पाएंगे ।
जान है मेरी तुमसे 'नीलम' समझो ,
अब हम तुम बिन जी नही पाएंगे ।।

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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