तुम ग़ज़ल शायरी //ग़ज़ल //

दुष्यंत कुमार पटेल

रचनाकार- दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

विधा- गज़ल/गीतिका

तुम सुबह शाम की ईबादत हो
मेरी पहली,आखिरी मोहब्बत हो

कोई नहीं जहां में यारा तुम सा
सच में तुम इतनी खूबसूरत हो

तुम्हें पाके क्या माँगू क्या चाहूँ
तुम मेरा साया,रब की मूरत हो

तुम हो तो मैं हूँ,तुम नहीं तो मैं नहीं
तुम मेरी जाँ तुम मेरी अमानत हो

तुमसे ही पहचान तुमसे ही मेरी दुनिया
तुम ग़ज़ल,शायरी दिल की जरूरत हो

कवि:-दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

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दुष्यंत कुमार पटेल
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नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com

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