तुम और पक्षी

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- कविता

तुम्हें अच्छी नहीं लगती,
पक्षियों की स्वच्छंद उड़ान,
क्योंकि-तुम
उड़ ही नहीं सकते।
तुम्हें भाता नहीं है,
पक्षियों का निडर
होकर चहकना ।
क्योंकि-तुम
जहाँ गंभीर हो,
वहाँ महज़ दिखावा है ।
तुम्हें पसंद नहीं आता,
पक्षियों का कतारवद्ध
अनुशासन ।क्योंकि-
तुम जहाँ पर
सख्त़ हो,वहाँ
साम्राज्य है तुम्हारे ही
अड़ियल स्वभाव का।
तुम बदलो या
न बदलो।
पक्षी उड़ान भरते रहेंगे।
वे चहकते भी रहेंगे।
वे अनुशासित भी रहेंगे ।
क्योंकि-वे अच्छी तरह
से जानते हैं कि-
मेहनत कभी
बेकार नहीं जाती।

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ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।

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