तुम्हारे बिना

Laxminarayan Gupta

रचनाकार- Laxminarayan Gupta

विधा- कविता

तुम्हारे बिना
मन नहीं लगता
तुम्हारे साथ रहना
मुझे आनंद देता है
हर जगह
दिन में भी
रात में भी ।

अमेरिका में
तुमसे मेरा मन जुड़ना
एक असाधारण घटना थी
तुममें मैंने सब कुछ पाया
छोड़ ह्रदय को
तुम हृदय हीन हो ।
पर बेहतरीन हो ।

तुम विदेशी हो
तुम्हारा अंग्रेजी पर अधिकार है
मैं शुद्ध हिंदी प्रेमी
विदेशी भाषा के
दो शब्द जानूँ
एक A to Z
दूसरा INTERNET

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Laxminarayan Gupta
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मूलतः ग्वालियर का होने के कारण सम्पूर्ण शिक्षा वहीँ हुई| लेखापरीक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत होने के बाद साहित्य सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हुआ|

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