तुम्हारे जन्मदिन पर विशेष !

Neeraj Chauhan

रचनाकार- Neeraj Chauhan

विधा- कविता

कभी कम ना हो सांसों की गिनतियाँ
कभी कम ना हो जीवन के दिन कम,
कभी कम ना हो महकती सी ये हंसी
कभी कम ना हो गीतों में सरगम।
ना हो छिपते अंधेरों के मंज़र,
ना उजाला हो कोई तुम बिन,
मिले बंसी की हर धुन तुम्ही को
मिले बारह महीनों का सावन।

रोमावली से बना ये जीवन
हो दिवाली के जैसा ये हरदम,
आसमां ही तुम्हारी हदें हो
कामयाबी तुम्हारा हो परचम।
भूल से भी कभी भी ये जीवन
ना तुम्हे दे कभी कोई उलझन,
उँगलियों पर अंगूठे को रखकर
जब भी तिथियां करो तुम ये गिन-गिन;

याद आये तुम्हे ये जन्मदिन
याद आये तुम्हे ये जन्मदिन …

– नीरज चौहान

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 307
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Neeraj Chauhan
Posts 32
Total Views 2.3k
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia