तुमको कैसे भुलाऊं

कवि कृष्णा बेदर्दी

रचनाकार- कवि कृष्णा बेदर्दी

विधा- गज़ल/गीतिका

क्या भूल सकता है आकाश को कोई
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
क्या भूल सकता है सूरज को कोई
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
क्या भूल सकता है चाँद तारो को कोई
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
क्या भूल सकता है इन झरनो नदियो को कोई
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
क्या भूल सकता है कोई अंधियारी रातो को
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
क्या भूल सकता है कोई सवेरे की उजली किरणों को
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
क्या भूल सकते हो तुम जीवन के वो लम्हे
वो इंद्रधनुष के रंगो सा प्रेम हमारा
जिनमे हम तुम संग थे
और ये सारी प्रकृति साक्षी थी
ये कल भी थी उन लम्हों में जब, तुम संग थे
ये आज भी है, जब तुम नही हो
जब इसको मै भुला नही सकती ,जो अखण्ड सत्य है
जो मेरे समक्ष साक्षी है ,आज भी उसी प्रकृति रूप से मै तुमको कैसे भुलाऊँ
मै तुमको कैसे भुलाऊँ
मेरे सनम मेरे साथी ये साथ मेरा तुम्हारा
इसी प्रकृति की तरह बनता बिगड़ता रहा और ये साक्षी रही सदा से और रहेगी…।

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कवि कृष्णा बेदर्दी
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कवि कृष्णा बेदर्दी ( डाक्टर) जन्मतिथि-०७/०७/१९८८ जन्मस्थान- मधुराई (तमिलनाडु) शिक्षा मैट्रिक -विलेपार्ले(मुम्बई) शिक्षा मेडिकल - B.A.M.S.(लन्दन) प्रकाशित पुस्तक- हिन्दी_हमराही,अनुभूति,महक मुसाफिर, तेलुगु, हिन्दी-तेलुगू फिल्मों में गीतकार शौक_ डांस,अभिनय,गिटार,लेखन, नम्बर- +918319898597 Email I'd kavibedardi@gmail.com, Facebook link https://m.facebook.com/Bedardi? Twitter_@kavibedardi

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