तुझ पर कुरबां…..

Dinesh Sharma

रचनाकार- Dinesh Sharma

विधा- कविता

शहीदों की शहादत देख
आँखों से आँसू छलक पड़े,
पर गिरे न जमीं पर वो
आसमां पर लिपट गये,
शहीदों की सहादत देख
आँखों से आँसू छलक पड़े,
माँ की आँखों का तारा
आसमां का सितारा बन गया
दुलारा था माँ का वो
सबका राज दुलारा बन गया,
कुरबां कर कतरा कतरा खून का वो
एक मिसाल बन गया
भारत माँ की शान बन गया
माँ की आँखों का तारा
आसमां का सितारा बन गया

^*^*^*दिनेश शर्मा*^*^*^*

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Dinesh Sharma
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सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।

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