तिनका तिनका….

sushil sarna

रचनाकार- sushil sarna

विधा- मुक्तक

तिनका तिनका….

तिनका तिनका करके आशियाना बनाया जाता ..है l
कतरा कतरा मोहब्बत से दिल को सजाया जाता है l
राज दिल के खोल न दे कहीं सावन ये …आँखों का –
अधरों पे एक मुस्कान का चेहरा लगाया …जाता है l

सुशील सरना

Sponsored
Views 4
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
sushil sarna
Posts 60
Total Views 420
I,sushil sarna, resident of Jaipur , I am very simple,emotional,transparent and of-course poetry loving person. Passion of poetry., Hamsafar, Paavni,Akshron ke ot se, Shubhastu are my/joint poetry books.Poetry is my passionrn

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia