तराना

sunil soni

रचनाकार- sunil soni

विधा- गज़ल/गीतिका

भूल सकते है नही
कोई तराना आपका ।
दर्दे गम की दास्तां है
हर तराना आपका ।।

तन्हा तन्हा कट नही सकता
सफर जज्बात का ।
हम को शायद साथ देदे
एक तराना आपका ।।

तप रही है जेठ सी अब
जिन्दगी की हर गली ।
काश!ठण्डी छाँव बनता
एक तराना आपका ।।

दर्दे गम कहते सुनाते
कट गया इतना सफर ।
अब रुलाये या हंसा दे
वो तराना आपका ।।

हर सुबह के बाद आती
शाम ये दस्तूर है ।
सुख का सागर गम का दरिया
है तराना आपका ।।
सुनील सोनी"सागर"
चीचली

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sunil soni
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जिला नरसिहपुर मध्यप्रदेश के चीचली कस्बे के निवासी नजदीकी ग्राम chhenaakachhaar में शासकीय स्कूल में aadyapak के पद पर कार्यरत । मोबाइल ~9981272637

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