तम्बाकू दुश्मन है

Hema Tiwari Bhatt

रचनाकार- Hema Tiwari Bhatt

विधा- कुण्डलिया

कुण्डलिया छन्द
(विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर)

तम्बाकू मुँह डाल के,कलुवा रहा चबाय
पैकिट में चेतावनी,माथा रही खुजाय
माथा रही खुजाय,पढ़ेगा कैसे कलुवा
पढ़े लिखे भी खाय,सजा कर जैसे हलुवा
कहता कवि घबराय,बचो तीखा यह चाकू
हड्डी लेय निचोड़,रोग बनकर तम्बाकू
हेमा तिवारी भट्ट

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Hema Tiwari Bhatt
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लिखना,पढ़ना और पढ़ाना अच्छा लगता है, खुद से खुद का ही बतियाना अच्छा लगता है, राग,द्वेष न घृृणा,कपट हो मन में किसी के, दिल में ऐसे ख्वाब सजाना अच्छा लगता है

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