तब से जवां हुई है मुहब्बत नई नई

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

लिख दी है जब से दिल की वसीयत नई नई
तब से जवां हुई है मुहब्बत नई नई

बचपन गया जवानी में रक्खे कदम जरा
मिलने लगी सभी से नसीहत नई नई

यूँ लड़खड़ाते देख के उनके कदम लगे
शायद मिली है उनको ये शोहरत नई नई

करते जिरह भी ठीक से अपनी अभी नहीं
सीखी जो है उन्होंने वकालत नई नई

धरती न कैसे काँपे जो बनती ही जा रहीं
यूँ काट कर वनों को इमारत नई नई

भाने लगीं हैं चाँद सितारों की बात अब
हमको हुई है 'अर्चना' उल्फत नई नई

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
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