तन्हाई अब कातिल हो गई है

आनंद बिहारी

रचनाकार- आनंद बिहारी

विधा- गज़ल/गीतिका

ये तन्हाई अब कातिल हो गई
कि अब मेरे लिए मुश्किल हो गई है

तुम ख्वाबों में अब आते हो इतने
कि गमगीं दिल की महफ़िल हो गई है

तेरी दुरी की मज़बूरी भारी पड़े हैं
मगर छुट्टी मिलने की हासिल हो गई है

तेरी यादों में मैं टूटा तड़प कर
तेरी यादें भी संगदिल हो गई हैं

खुले आँखें तो अब रहो सामने तुम
बेसब्र आँखें तुम्हारे काबिल हो गई हैं

@आनंद बिहारी

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आनंद बिहारी
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गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित FB/Tweeter Page: @anandbiharilive Whatsapp: 9878115857

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