*डार्लिग आई लव यू*

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- कविता

डार्लिंग आई लव यू*
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कल रात में चैन से
सोया था अचानक
खटिया हिलने लगी
मैंने सोचा भूकम्प
आ गया… मगर
आँखे खोली
तो देखा…..
मेरी बीबी मुझ
अदने से आदमी पर…..
चढ़ाई कर रही थी
मै घबराया
सोचा….यार….
आज तो गए
काम से …..
कौनसी आफत
आनी बाकी है
कितनी और जिंदगानी
बाकी है ……
याद करले
परमपिता को
अब याद आने
वाली तुझे नानी है
बस चन्द मिन्टो की
तेरी जिंदगानी है
मेरा…….स्वांस
गले में अटक था
जोर का झटका
धीरे से लगा था
जब पत्नी ने
चौबीस साल बाद
धीरे से कहा
आई लव यू
डार्लिंग ।।
👍मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

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