जो किये थे कसूर

Raj Vig

रचनाकार- Raj Vig

विधा- कविता

अपमान किया है उसने किसी का
बेआबरू कर दिखाया है गरूर
दी है सजा उसने किसी को
जो था बिल्कुल बेकसूर ।

मिलेगा उसे इसका दण्ड
रोयेगा इक दिन हो के मजबूर
बचा नही है यहां पर कोई
पायेगा इक दिन जो किया था जरूर ।

आयेगा इक दिन वो भी राह पर
ढूंढेगा हर जगह कहां मिलता है सरूर
उतर जायेगा उसके सर से भी
अपने बड़े होने का फतूर ।

इक दिन उसका भी नशा उतरेगा
खाली हाथ गया है हर कोई हजूर
हाथ जोड़ कर प्रार्थना कर लेगा
बच जायेगा शायद उनसे जो किये थे कसूर ।।

राज विग

Sponsored
Views 38
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Raj Vig
Posts 50
Total Views 2.5k

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia